अपने मन के तालाब में खिले कमल को कैसे संभालना है जानती है अब मुनिया अपने मन के तालाब में खिले कमल को कैसे संभालना है जानती है अब मुनिया
गुरुजी का सीना पुलकित हो गया। उनका मेहनत वसूल हो गया। गुरुजी का सीना पुलकित हो गया। उनका मेहनत वसूल हो गया।
मेरी गोद में बेफिक्री से उसका सो जाना आँख खुले तो मुझे देखकर कभी मुस्कुरा देना मेरी गोद में बेफिक्री से उसका सो जाना आँख खुले तो मुझे देखकर कभी मुस्कुरा देना
नारी तन को वस्तु समझते, कुत्सित मन के वश में होकर, पुरुषत्व दिखा कोमल स्त्री पर, रख दी सारी प्रकृति ... नारी तन को वस्तु समझते, कुत्सित मन के वश में होकर, पुरुषत्व दिखा कोमल स्त्री पर,...
मैं सुकोमल देह सी हूँ प्रिय प्रकृति के नेह सी हूँ तन समर्पित मन समर्पित प्रीत के रंग में ढली हूँ... मैं सुकोमल देह सी हूँ प्रिय प्रकृति के नेह सी हूँ तन समर्पित मन समर्पित प्री...
कली कली में यूँ मंडराती फूलों की तुम तितली रानी कली कली में यूँ मंडराती फूलों की तुम तितली रानी